Breaking News:

आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव : दिल्ली ने हरिद्वार को हराकर किया खिताब अपने नाम -

Monday, October 5, 2026

गढ़ भोज दिवस पर उत्तराखंड की पारंपरिक खाद्य विरासत को मिलेगा नया मंच -

Monday, October 5, 2026

जरा हटके : उत्तराखंड के सांसदों की केवल 18 प्रतिशत सांसद निधि हुई खर्च -

Monday, October 5, 2026

उत्तराखंड : हरिद्वार-वेरावल एसी एक्सप्रेस और हरिद्वार-ओखा एसी एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति प्रदान -

Monday, October 5, 2026

उत्तराखंड : प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय -

Monday, October 5, 2026

जरा हटके : आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव का आयोजन -

Saturday, October 3, 2026

दिल्ली में खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स 2026 का आयोजन 20 नवंबर से, जानिए खबर -

Saturday, October 3, 2026

सौरभ व भूमिका डोईवाला कॉलेज के एनएसएस साईं सृजन पुरस्कार 2026 से हुए सम्मानित -

Saturday, October 3, 2026

देहरादून साइक्लिंग क्लब गांधी जयंती पर खाराखेत पहुंच आंदोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि -

Saturday, October 3, 2026

‘साईं सृजन पटल’ के 26वें अंक का दूरदर्शन के पूर्व सहायक निदेशक प्रताप सिंह रावत ने किया विमोचन -

Wednesday, September 30, 2026

“झूठे वादे” और “धोखे से जीवनभर की कमाई चढी ठगी की भेंट, जानिए खबर -

Wednesday, September 30, 2026

दुःखद : पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से 5 साल के बच्चे की मौत -

Tuesday, September 29, 2026

‘चिता’ 23 अक्टूबर को होगी रिलीज -

Tuesday, September 29, 2026

देहरादून : अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो भवन सील -

Tuesday, September 29, 2026

जश्न सफलता की….. -

Monday, September 28, 2026

हरिद्वार : सड़क पर पड़ा मिला युवक का शव, हत्या की आशंका -

Monday, September 28, 2026

उत्तराखण्ड में भूस्खलन व बारिश से 57 मार्ग बंद -

Monday, September 28, 2026

भारी मुनाफे का झांसा देकर 69.90 लाख की साइबर ठगी, एक गिरफ्तार -

Monday, September 28, 2026

क्षमा वाणी केवल वाणी से आत्मसात ना होकर हृदय से आत्मसात होने वाला पर्व है : पूर्णमति माताजी -

Monday, September 28, 2026

गाँव से एशियन पैरा गेम्स तक का सफर….. -

Monday, September 28, 2026



अनेक संगठनों के साथ मैड ने रिस्पना पुनर्जीवन पर किया गहन मंथन

MAD

देहरादून | देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन मैड संस्था ने देहरादून के अनेक संगठनों एवम बुद्धिजीवियों के साथ रिस्पना पुनर्जीवन में आम जन मानस की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की। मैड संस्था ने रिस्पना पुनर्जीवन पर एक बैठक का आयोजन किया था। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर मैड विगत 7 वर्षों से काम करता आ रहा है और जब से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मुद्दे को उठाया है तबसे संस्था वर्तमान राज्य सरकार के साथ भी इस प्रोजेक्ट में जुड़ी हुई है। 15 नवंबर को इसी के बारे में मैड की ओर से एक प्रस्तुति मुख्य सचिव उत्पल कुमार के अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में भी दी गई थी जिसमे इको टास्क फोर्स को यह जिम्मेदारी दी गयी थी कि वह रिस्पना पुनर्जीवन का एक खाका तैयार करें। मैड ने इस बैठक का आयोजन किया ताकि वह आम जन मानस एवं समाज के हर टपके को अपने इस अभियान से जोड़ सके। लोकेश ओहरी ने कहा यह स्पष्ट होना चाहिए कि इको टास्क फोर्स को क्या अधिकार छेत्र दिया गया है जिसके तहत वह इस प्रोजेक्ट में अपनी भूमिका निभाने वाले हैं। सिटीजन्स फ़ॉर ग्रीन दून के आशीष गर्ग ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि रिस्पना में किसी भी तरह के सीवर का डाला जाना गलत है और इसपर तत्काल कानूनी प्रतिबंध न सिर्फ लगना चाहिए बल्कि लागू भी किया जाना चाहिए। प्रमुख संगठन के परमजीत सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि रिस्पना पुनर्जीवन पर समाज के सभी वर्गों को साथ काम करना चाहिये। लिटिल फ्लावर स्कूल की रोहिणी मनुचा पूरी ने मलिन बस्ती के ज्वलंत मुद्दे को उठाया और कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मलिन बस्तियों के संदर्भ में उनकी नीति क्या होगी। दून सिटीजन कौंसिल के ब्रिगेडियर के जी बहल ने अपनी राय रखते हुए कहा कि एक ओर जहां मलिन बस्तियों के मूल भूत अधिकारों की अवेहलना नही होनी चाहिए वही दूसरी ओर उनके पुनर्वास की तरफ राज्य सरकार को ठोस नीति नियोजित करनी चाहिए। कल्पतरु संस्था के प्रभास ने इस बात पे ज़ोर दिया कि पहले हमें उन चीजों पर ध्यान आकर्षित करना चाहिए जो बिना किसी रुकावट के की जा सके और वी अदित मुद्दों को उसके बाद है देखना चाहिए। संयुक्त नागरिक संगठन के सुशील कुमार त्यागी ने यह बात कही की इस मुहीम को आगे बढ़ाना चाहिए और इसमें नई जान डालने के लिए और भी लोगों को साथ लेना चाहिए। राजप्यर कम्युनिटी इनिशिएटिव की अध्यक्षा रीनू पॉल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राजौर छेत्र में किसी भी तरह के निर्माण कार्य जो रिस्पना तलहटी पर हो रहे हो उन पर प्रतिबंध लगना चाहिए और आरोपियों पर निगरानी की जानी चाहिए। नैशनल पेरेंट्स समूह के आरिफ मोहोम्मद ने भी यही कहा कि अतिक्रमण के मुद्दे पर राज्य सरकार को वोट बैंक की राजनीति नहीं खेलनी चाहिये। जगमोहन मेहंदीरत्ता ने यह कहा कि सामाजिक संगठनों की तरफ से मैड को अपने सुझाव समय से दे देने चाहिए ताकि निष्क्रिय पड़े सरकारी तंत्र को आईना दिखाया जा सके।

Leave A Comment