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आपदा प्रबंधन को लेकर कार्यशाला का आयोजन

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रूद्रपुर। राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में ‘आपदा प्रबन्धन‘ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन टेबल टाॅप एक्सरसाईज कलक्ट्रेट स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, नई दिल्ली के परामर्शदाताओं द्वारा विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक दुर्घटनाओं/ आपदाओं के दौरान प्रभावी कार्यवाही एवं भारत में स्थित राहत संसाधन केन्द्र आदि के बारे में जानकारी देने के साथ पूर्व में घटित हुई बडी आपदाओं के बारे में चर्चा की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी दीप्ति वैश्य द्वारा की गई। कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी दीप्ति वैश्य ने कहा कि आपदा प्रबन्धन के विशेषज्ञ यहा जिला प्रशासन को आपदा प्रबन्धन की जानकारी देने के लिए उपस्थित हुए है। इसलिए सभी अधिकारी आपात स्थिति के दौरान प्रभावी कार्यवाही के लिये कार्ययोजना बनाने की जानकारी हासिल करें ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं/आपदाओं से कुशलता पूर्वक निपटा जा सकें। उन्होने कहा कि सभी अधिकारी विशेषज्ञों द्वारा दिये गये टिप्स को समझे और 08 जनवरी को आयोजित होने वाली माॅक ड्रिल में प्रतिभाग कर आपदा प्रबन्धन के विशय में आधारभूत ज्ञान प्राप्त करें। कार्यशाला में राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन के वरिष्ठ परामर्शदाता वीके दत्ता ने आपदा प्रबन्धन की विस्तार से जानकारी दी। उन्होने कहा कि आपदा प्रबन्धन एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। आपात स्थितियों से निपटने के लिये जिला प्रशासन के सभी विभागों को उनके पास उपलब्ध आवश्यक उपकरण/मशीनरी आदि की चेकिंग नित्य प्रति करनी चाहिये। सभी विभागों को उनके पास उपलब्ध संसाधनों की सही व पूरी जानकारी रखनी चाहिए, क्योंकि दुर्घटनाएं कभी भी घटित हो सकती है। हमे दुर्घटनाओं का कुशलता पूर्वक सामना करने के लिए हर वक्त तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय संसाधनों की अधिकता के बजाय कुशल संसाधनों का होना अति आवश्यक है क्योकि कुशल संसाधनों से बेहतर कार्य लिया जा सकता है। दत्ता ने बताया कि हमारे देश में विश्व के अन्य देशों की तुलना में आपदा प्रबन्धन के लिए सबसे बडी फोर्स है। उन्होने कहा कि सभी अधिकारियों को सहायता प्रदान करने वाले केन्द्रों और सहायता प्राप्त करने के तरीकों की भी पूरी जानकारी रखनी चाहिए। कार्यशाला में जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी डाॅ0 अनिल शर्मा ने जनपद की जनसंख्या, इन्डस्ट्रीज एवं प्रमुख स्थानों के बारे में प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों द्वारा उनके पास उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यशाला में एडीएम आशीष भटगई, डीडीओ आरसी तिवारी, आपदा प्रबन्धन विशेषज्ञ अमित कुटेजा, एपीडी रमा गोस्वामी, सीएमओ एचके जोशी, फायर विभाग से सीएफओ एनएस कनवार, पुलिस विभाग के आरसी जोशी, एसडीएम अनिल शुक्ला, पूरन सिंह राणा, एचएस मर्तोलिया, डीपी सिंह, एआरटीओ नन्द किशोर, मुख्य कोषाधिकारी तृप्ति श्रीवास्तव, मुख्य शिक्षा अधिकारी नीता तिवारी व विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित सिडकुल स्थित उद्योगों के प्रबन्धक संतोष सिंह, आरपी मलखानियां, पीसी पंत, अरविन्द दिवाकर, सैयद रफी, उमेश जोशी, सौरभ सक्सेना, अनुप सिंह आदि उपस्थित थे।

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