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केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का मुख्य सचिव ने लिया जायजा

CS-UK

देहरादून/रुद्रप्रयाग। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि धाम में कार्यों को जल्दी से पूरा किया जाय, जिससे आगामी यात्रा सीजन में तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों को लेकर खासे चिंतित है। ऐसे में केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन लगाये गये हैं, जिससे समय पर निर्माण कार्यों का जायजा लिया जा सके। मुख्य सचिच उत्पल कुमार सिंह केदारपुरी पहुंचे। यह मुख्य सचिव का केदारनाथ का दूसरा दौरा है। उन्होंने केदारनाथ मंदिर के पीछे पड़े मलबा एवं बोल्डरर्स को हटवाने के साथ ही मंदिर के पीछे भूमि को आगामी यात्रा से पूर्व विकसित कर तीर्थ यात्रियों के बैठने के लिए पार्क विकसित करने के लिए जेएसडब्लू के प्रतिनिधियों को निर्देश दिये। सरस्वती नदी संगम से केदारनाथ मंदिर मार्ग के निरीक्षण के दौरान पचास फिट चौड़े पैदल मार्ग का सुदृढ़ीकरण कर आगामी यात्रा से पहले मंदिर के दृश्य को ध्यान में रखते हुए लोनिवि के अधिकारियों को आर्किटेक्ट के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा। मुख्य सचिव ने सरस्वती नदी के किनारे बनाये जा रहे घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और समयान्तर्गत तथा गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने सीसीटीवी कैमरों के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को निर्देशित किया कि कैमरों के माध्यम से केदारनाथ धाम में गतिमान पुनर्निर्माण कार्यों की प्रभावी माॅनीटरिंग तथा ड्रोन कैमरा स्थापित करना सुनिश्चित करें। साथ ही केदारनाथ धाम में नोडल अधिकारी केदारनाथ पुर्ननिर्माण कार्यालय का भी निरीक्षण किया और उप जिलाधिकारी एवं नोडल अधिकारी को केदारनाथ में गतिमान कार्यों की मानीटरिंग करने को कहा। केदारनाथ से गरूड़चट्टी तथा गरूडचट्टी से रामबाड़ा तक के ट्रेक मार्ग के संबंध में पूछे जाने पर सहायक अभिंयंता डीडीएमए ने बताया कि वर्तमान में उक्त मार्ग के सर्वे का कार्य गतिमान है, जिसे शीघ्र ही पूर्ण कर रिपोर्ट प्रेषित कर दी जायेगी। इस संबंध मंे मुख्य सचिव ने रामबाड़ा से केदारनाथ तक के सम्पूर्ण ट्रैक मार्ग का निर्माण कराये जाने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया। साथ ही केदारनाथ में जेएसडब्लू गु्रप द्वारा बनाये जाने वाले शंकराचार्य समाधि का डिजाइन तत्काल तैयार किये जाने के लिए आर्किटेक्ट को निर्देशित किया। मुख्य सचिव ने सभी कार्य पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए कराये जाने के लिए जिलाधिकारी को कहा और कहा कि प्रत्येक कार्य में पर्यावरण विशेषज्ञ की सलाह लेकर पुर्ननिर्माण कार्य सम्पादित कराये जांय। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने मंदिर के चैड़ीकरण में बद्री केदार समिति की जो भोगशाला बाधा उत्पन्न कर रही है उसे अन्यत्र स्थानान्तरित करने के निर्देश दिये और संगम के सामने जहां से केदारनाथ मंदिर का स्पष्ट दृश्य दिखायी दे उस स्थान पर एक छत्र भी स्थापित करने के लिए कहा। निरीक्षण में प्रधानाचार्य एनआईएम कर्नल अजय कोठियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ एवं नोडल अधिकारी, जेएसडब्लू के प्रतिनिधि आर्किटेक्ट विशेषज्ञ सहित लोनिवि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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