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दिल्ली में खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स 2026 का आयोजन 20 नवंबर से, जानिए खबर -

Saturday, October 3, 2026

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‘साईं सृजन पटल’ के 26वें अंक का दूरदर्शन के पूर्व सहायक निदेशक प्रताप सिंह रावत ने किया विमोचन -

Wednesday, September 30, 2026

“झूठे वादे” और “धोखे से जीवनभर की कमाई चढी ठगी की भेंट, जानिए खबर -

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दुःखद : पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से 5 साल के बच्चे की मौत -

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‘चिता’ 23 अक्टूबर को होगी रिलीज -

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देहरादून : अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो भवन सील -

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जश्न सफलता की….. -

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हरिद्वार : सड़क पर पड़ा मिला युवक का शव, हत्या की आशंका -

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उत्तराखण्ड में भूस्खलन व बारिश से 57 मार्ग बंद -

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Monday, September 28, 2026

क्षमा वाणी केवल वाणी से आत्मसात ना होकर हृदय से आत्मसात होने वाला पर्व है : पूर्णमति माताजी -

Monday, September 28, 2026

गाँव से एशियन पैरा गेम्स तक का सफर….. -

Monday, September 28, 2026

जयकारों और भजनों से गूंजा दून, अनंत चतुर्दशी पर जैन समाज ने निकाली शोभायात्रा -

Friday, September 25, 2026

नीट यूजी प्रमाणपत्र घोटाला : लेखपाल जगदीश राठौर और महिला लेखपाल डिंपल सस्पेंड -

Friday, September 25, 2026

स्थायित्व और विकास चाहती है उत्तराखण्ड की जनताः सीएम धामी -

Friday, September 25, 2026

11वां देहरादून इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2, 3 और 4 अक्टूबर को, जानिए खबर -

Friday, September 25, 2026

देहरादून : डिलीवरी बॉय से मारपीट मामले में सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार -

Wednesday, September 23, 2026



पर्वतीय वानिकी का रूपान्तरण विषयक संगोष्ठी सम्पन

FRI ME SANGOSTHI

पर्वतीय वानिकी का रूपान्तरण विषयक संगोष्ठी के समापन समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तराखण्ड के महामहिम राज्यपाल श्रीकृष्ण कुमार पॉल ने कहा हैकि यह सम्भव नहीं है कि कमजोर मिट्टी से मजबूत पेडों वाले वनों को पाला-पोसा जा सके। ऐसे में वनों के निरंतर घटते स्तर से हमारे जीवन पर प्रभाव पडता है।राज्यपाल ने विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान चेरापूंजी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज वहां वनों के गिरते स्तर का प्रभाव सीधे तौर पर देखा जा सकता हैं।उन्होने जोर देकर कहाकि उत्तरपूर्वी भारत के जनजातीय इलाकों में पवित्र वनों जैसी कुछ पारम्परिक वनों को पोषित करने की सांस्कृतिक विधियां उपलब्ध करा सकती हैं।अंर्तराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास संस्थान द्वारा संयुक्त आयोजित पांच दिवसीय संगोष्ठी पर्वतीय वानिकी में बदलाव के लिए कई अह्म संस्तुतियों को मूर्त रूप दे सकी। संगोष्ठी के समापन सत्र मेंवनअनुसंधानसंस्थान के निदेशक, डा0 पी0पी0 भोजवैद, डा0 राजन कोटरू, सुश्री आन्या, जी0बी0 पन्त पर्यावरण संस्थान के निदेशक, डा0 पी0पी0 ध्यानी, प्रो0 एस0पी0 सिंह, वन विभाग उत्तराखण्ड के जयराज, एस0टी0एस0 लेप्चा, डा0 भाष्कर कार्की, नवराज प्रधान, डा0 आर0बी0एस0 रावत, लक्ष्मी भट्ट सहित देश विदेश के प्रतिभागी मौजूद रहे।

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