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फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर ने एग्रीटेक के युग में अवसर और रोजगार पर कार्यशाला आयोजित की

 

देहरादून। फिक्की फ्लो उत्तराखंड, चैप्टर ने आज श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के साथ मिलकर एग्रीटेक के युग में अवसर और रोजगार विषय पर कार्यशाला आयोजन किया। इस कार्यशाला में फिक्की फ्लो उत्तराखंड, चैप्टर और श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के प्रोफेसरो ने कृषि क्षेत्र मे आधुनिक टेक्नॉलजी द्वारा खेती बाड़ी करने के लिए नए अवसरों के बारे मे बताया और कहा आज के समय में इस क्षेत्र में आधुनिक टेक्नोलोजी को जानने वालेविशेषज्ञों की बहुत मांग है। जिसमे कृषि क्षेत्र के टेक्नीशियन, टेक विशेषज्ञ और आधुनिक टेक्नोलोजी जानने वालों के लिए रोजगार के बहुत सारे अवसर है।
इस अवसर पर डॉ. नेहा शर्मा, फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर की अध्यक्ष ने कहा हमें बहुत खुशी है कि आज हमारे संस्थान और श्री गुरु रामराय यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, देहरादून ने इस कार्यशाला का सफल आयोजन किया है।  माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेटस घोषित किया है और पूरे देश में अब मेलेट्स की खेती बड़ी से लेकर हर व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। यह कृषि क्षेत्र में एक बड़ा कदम है।  अब भारत सरकार भी इसको बढ़ाने के लिए कई योजनाओं को देशभर में ला रही है। जिसमे कि कृषि के छात्र , विषेशज्ञ तथा किसानो को इसको कृषि की आधुनिक टेक्नॉलजी का प्रयोग करके इसका रिकॉर्ड स्तर पर उत्पादन से लेकर मार्केटिंग करेंगे।  जिससे रोजगार और किसानो की आय में वृद्धि होगी। साथ ही उत्तराखंड की कृषि क्षेत्र से जुडी महिलाओं, महिला उद्यमियों, महिला सेल्फहेल्प ग्रुप, को फिक्की फ्लो द्वारा कृषि क्षेत्र में  विदेशो में  अपनायी गयी  आधुनिक  तकनीकों  को श्री गुरु रामराय यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर, देहरादून के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जा रहा है और  वो कृषि सम्बंधित तकनीक सीख  कर अधिक से अधिक आय प्राप्त  कर रही है। हमारा संस्थान पहले से  ही प्रदेश की महिला उद्यमियों, महिला सेल्फहेल्प ग्रुप, को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मनर्भर  बना चुकी  है। कार्यशाला  के दौरान डाव द्वारिका मैठाणी, डायरेक्टर आईआईसी ने  अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष पर व्याख्यान दिया, विभिन्न प्रकार के बाजरा के रासायनिक घटकों विशेष रूप से फाइबर सामग्री के कारण औषधीय मूल्यों के बारे में भी  चर्चा की। कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप और उद्यमिता की ढेर सारी संभावनाओं को समझाया  और कृषि के विद्यार्थियों को प्रेरित किया। एसजीआरआर यूनिवर्सिटी में मौजूद आईआईसी के बारे में लोगों को  जानकारी दी। इस कार्यशाला में अनुराधा मल्ला, चेयरपर्सन, इलेक्ट, फिक्की फ्लो उत्तराखंड, शिखा प्रकाश, कार्यकारी समिति सदस्य और सीईओ वैली कल्चर, दीपा धामी, कोर्डिनेटर स्किलिंग इनिशिएटिव, फिक्की फ्लो और सीईओ भूली फाउंडेशन, प्रियंका बानकोटी, एचओडी स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, डाव द्वारिका मैठाणी, डायरेक्टर आईआईएससी, डाव कमला ध्यानी, एसोसिएट प्रोफेसर, श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर और फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

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