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बौद्धिक संपदा अधिकार पर ऑनलाइन कार्यशाला संपन्न

 

देहरादून | विधि विभाग एसआरटी परिसर द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार पर दिनांक 1 अप्रैल 2022 को ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए स्कूल ऑफ लॉ के विभागाध्यक्ष एवं संकाय प्रमुख प्रोफेसर ए के पांडे द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़े कॉपीराइट पेटेंट, डिजाइन, ट्रेडमार्क आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ।उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकार के महत्व को बड़े ही विस्तार से बताया ।तत्पश्चात कार्यक्रम के संयोजक डॉ सुधीर कुमार चतुर्वेदी द्वारा कार्यशाला के विषय बिंदु पर विस्तार से चर्चा की गई उन्होंने यह बताया यह कार्यक्रम राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन के तहत देश भर में आयोजित किए जा रहे हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में इस कार्यक्रम की शुरुआत दिसंबर 2021 में की गई है तथा बौद्धिक संपदा अधिकार पर जागरूकता संबंधी कार्यक्रम 15 अगस्त 2022 तक किए जाएंगे। परिसर के परिसर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर एम एम एस नेगी ने यह बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार की जानकारी रखना प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी है ।साथ ही यह भी बताया कि इन अधिकारों के बारे में लोगों के बीच जागरूकता की जरूरत है आज इसका महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है नए-नए इन्नोवेटिव आईडियाज आ रहे हैं इनको पेटेंट कराने से रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता असिस्टेंट कंट्रोलर आफ पेटेंट एंड डिजाइन, मिनिस्ट्री आफ कमर्स एंड इंडस्ट्री ,बौद्धिक संपदा अधिकार विभाग नई दिल्ली के डॉ डी उषा राव द्वारा बौद्धिक संपदा अधिकार पर विस्तार से जानकारी प्रदान किया गया उन्होंने बौद्धिक संपदा क्या है इसका उपयोग क्या है तथा शोध में सर्चिंग के महत्व क्या क्या है इसको भी बड़े विस्तार से बताया। साथ ही यह भी बताया कि पेटेंट आवेदन कैसे किए जाते हैं पेटेंट पंजीकरण के महत्व और इसकी विधि से भी अवगत कराया। इन्होंने कॉपीराइट का उल्लंघन करने की प्रवृत्ति को रोकने के बारे में भी बताया तथा शोध कार्य में मौलिकता पर जोर देने की बात कही इन्होंने अपने वक्तव्य में व्यापार चिन्ह व डिजाइन अधिनियम व ज्योग्राफिकल इंडिकेशन के बारे में भी उनकी उपयोगिता को विस्तार से बताया ।मुख्य वक्ता द्वारा यह भी बताया गया कि बौद्धिक संपदा अधिकार के द्वारा व्यक्तिगत हितों की सुरक्षा कैसे की जाए तथा इस विषय में स्वरोजगार की संभावनाओं को भी विस्तार से बताया । व्याख्यान के तदोपरांत उन्होंने एक क्विज का भी आयोजन किया जिसमें प्रतिभागियों ने प्रश्नों के उत्तर बड़े ही उत्साहपूर्वक दिए । कार्यक्रम का संचालन मॉडरेटर के रूप में विधि विभाग एसआरटी परिषद के शोध छात्र अनुज कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन विधि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर हिमानी बिष्ट द्वारा दिया गया ।इस कार्यक्रम में विधि विभाग के समस्त शिक्षक, शोधछात्र,और लगभग 100 प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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